लोकसभा चुनाव: जागरुकता अभियान में करोड़ों रुपये खर्च किए पर नहीं बढ़ सका मतदान प्रतिशत 

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18वीं लोकसभा चुनाव के लिये 19 अप्रैल को पहले चरण के तहत कराए गए चुनाव में इस बार शेखपुरा विधानसभा के मतदाता वोट डालने में जिला में अव्वल रहे। नवादा संसदीय सीट से जुड़े बरबीघा विधान सभा क्षेत्र के 44.17 प्रतिशत वोटरों ने जहां मतदान किया। वहीं जमुई संसदीय सीट से जुड़े शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र 47.18 प्रतिशत वोटरों ने अपने वोट डाले। पांच साल पहले हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में शेखपुरा विधानसभा में कुल 51.0 प्रतिशत वोटरों ने वोट डाले थे। जबकि बरबीघा विधानसभा में 52 प्रतिशत वोटिंग उस वक्त हुआ था। वही वोटिंग प्रतिशत में आयी कमी के चलते राजनीतिक दलों समेत जिला प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है। 

बता दें कि सभी कार्य छोड़कर जिला प्रशासन जागरूकता अभियान में लाखों-करोड़ों रूपये खर्च कर शहर से लेकर गांव तक चलाए गए जागरूकता अभियान के बावजूद भी वोटिंग प्रतिशत में कमी आयी है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बरबीघा विधानसभा में 54 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में बरबीघा में वोटिंग प्रतिशत 51.38 प्रतिशत वोटिंग हुआ है। इस बार इस क्षेत्र में 7 प्रतिशत से अधिक वोट कम पड़े हैं। वहीं, शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र में पिछली बार पांच साल पूर्व हुए चुनाव में 51 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार शेखपुरा मे महज प्रतिशत 47.28 वोटिंग दर्ज की गई है। जिससे जिला प्रशासन की किरकिरी हो रही है। बता दें कि गनीमत यह रही कि कही से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई अन्यथा जिस तरह से जिला प्रशासन का रवैया रहा था, स्थिति को संभालना असम्भव हो जाता।  
मतदाताओं में नहीं दिखा उत्साह 
नगर पर्षद, पंचायत, परिषद, विधानसभा के चुनावों में मतदाताओं का उत्साह चरम पर रहता है और मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान करते है। दरअसल, इन चुनावों में पैसों का खेल ज्यादा होता है और एक-एक मतदाता के पास कई उम्मीदवार का पैसा पहुंचता है। जिस वजह से इन चुनावों में मतदाताओं का उत्साह देखने को मिलता है। जबकि ठीक इसके विपरीत लोकसभा चुनाव में मतदाता दिलचस्पी नहीं दिखाते है। क्योंकि एक लोकसभा में 5 से 6 विधानसभा होते है।  जिस वजह सभी मतदाताओं से प्रत्याशी रूबरू नहीं हो पाते है और मतदाता का मन हुआ तो मतदान करते है। जिस वजह से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी नहीं हो पाती है। 
इस वजह से नहीं बढ़ सका मतदान प्रतिशत 
बता दें कि शेखपुरा जिले का तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। मतदान के दिन शुक्रवार को 43 डिग्री सेंटीग्रेड पहुंच गया। शेखपुरा जिला लगातार सातवें दिन राज्य का सबसे गर्म स्थान के रूप में दर्ज किया गया। पिछले दिन यहां का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया था। जबकि न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री सेंटीग्रेड के ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग द्वारा पिछले कई दिनों से ऊष्ण लहर को लेकर जिले में येलो अलर्ट जारी कर रखा है। भीषण गर्मी का प्रभाव आज लोकसभा चुनाव के मतदान के दौरान भी देखा गया। दोपहर तक अधिकांश मतदाता भारी गर्मी के कारण घरों में दुबके रहे। सड़कों पर वीरानी छाई रही।
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