शेखपुरा: लंबित आश्वासनों व सरकारी आवासों सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई

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बिहार विधानसभा के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब का समय सीमा के अंदर पालन किया जा रहा है कि नहीं इसकी समीक्षा करने बिहार विधान सभा के आश्वासन समिति के सभापति एवं समाज कल्याण विभाग एवं भवन निर्माण विभाग के पूर्व मंत्री दामोदर रावत बुधवार को शेखपुरा पहुंचे। जहां पूर्व मंत्री को सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार सिंह एवं राजद जिलाध्यक्ष ने स्वागत किया। इस दौरान अश्वासन समिति के तरफ से आये पूर्व मंत्री ने संबंधित सभी विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की। और लंबित आश्वासनों एवं सरकारी आवासों तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित विषयों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित पूर्व में आहूत आश्वासन समिति की बैठक में दर्ज हुए आश्वासनों के अनुपालन से संबंधित एक-एक कर पदाधिकारियों से जानकारी ली गई। इनमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पेयजल, सड़क, रेवेन्यू, कृषि, आवास, आपूर्ति समेत अन्य विभाग से जुड़े मामलों में दर्ज आश्वासनों के अनुपालन की जानकारी ली गई। बैठक में समिति के अध्यक्ष के द्वारा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दर्ज आश्वासनों का ससमय अनुपालन किया जाए एवं अनुपालन के पश्चात अनिवार्य रूप से प्रतिवेदन आश्वासन समिति को समर्पित किया जाए। बताते चलें कि समय-समय पर सरकार के मंत्रियों द्वारा सदन के अन्दर दिए गए आश्वासनों, प्रतिज्ञाओं एवं वचनों तथा सदस्यों को उत्तर भेजने के क्रम में सचिवालय को प्राप्त उत्तरों की प्रतियों में निहित आश्वासनों जिनके परिपालन के लिए सदन में कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, उसका परिपालन सरकार के सम्बन्धित विभागों द्वारा अधिक-से-अधिक तीन महीनों के अन्दर हो जाना है और यदि तीन महीनों के अन्दर परिपालन हुआ हो तो आश्वासन समिति सदन को सूचनार्थ प्रतिवेदित करेगी तथा लंबित आश्वासनों की सूची प्रत्येक सत्र में सदन के मेज पर रखी जायेगी। उस पर उसी सत्र में एक घंटे का विशेष वाद-विवाद होगा और उसका जवाब सरकार को देना होगा।

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