SHEIKHPURA BREAKING: विधायक के तरकीब से चौथे दिन छात्र नीरांशु का शव तालाब से निकला बाहर, एनडीआरएफ की टीम ने की 60 घंटे तक कड़ी मशक्कत

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शेखपुरा नगर परिषद क्षेत्र के जमुआरा स्थित पहाड़ की तलहटी में बने खदान में डूबे नीरांशु कुमार का शव आज चौथे दिन एसडीआरएफ की टीम एवं स्थानीय विधायक विजय सम्राट की तरकीब ने खोज निकाला। वही पानी भरे खदान से शव मिलने की खबर मिलते ही आसपास के हजारों लोगों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी। शव को तालाब से निकालने के बाद ज़ब उसकी माँ की नजर पड़ी तो वह अचेत होकर गिर पड़ी। वही घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। पानी के अंदर चार दिन तक शव पड़े रहने के कारण पानी से फूल गया था। गौरतलब हो कि बुधवार को मृतक नीरांशु अपने दोस्तों के साथ पानी भरे खदान में नहाने आया था। जहां पानी में डूबने से उसकी मौत हो गयी थी। जिसके बाद मृतक का शव करीब 200 फीट गहरे खदान के नीचे चला गया था, जिसे खोजने के लिए पहले स्थानीय गोताखोरों ने काफी मेहनत की किन्तु अधिक गहराई होने की वजह से शव खोजने में नाकाम रही। वही घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ राहुल सिन्हा के द्वारा एसडीआरएफ की एक टीम को बेगूसराय से बुलाई गयी। एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम की 60 घंटे की कड़ी मशक्कत की, लेकिन असफल रहे। जिसके बाद मौके पर रहे स्थानीय विधायक विजय सम्राट के तरकीब पर एसडीआरएफ की टीम ने वोट को करीब 25 से 30 राउंड को तालाब में घुमाया, जिसके बाद शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे मृतक का शव पानी से बाहर निकला। जिससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान एसडीओ राहुल सिन्हा, एसडीपीओ अरविन्द कुमार सिन्हा, खनन विभाग, स्थानीय थाना, नगर परिषद की अधिकारी वहां डेरा डाले रहे। हालांकि पानी में डूबे छात्र के शव ढ़ूढ़ने के लिए विशेष गोताखोर बुलवाए गए थे, किन्तु पानी की गहराई और पानी के नीचे का तापमान अधिक कम रहने के चलते गोताखोर ज्यादा देर तक पानी के नीचे नहीं पहुंच पा रहें थे। आखिर में शनिवार को पानी का मंथन करने के बाद पानी के नीचे फंसा शव पानी के ऊपर आ गया।

गहरे पानी का तापमान माइनस से नीचे

एसडीओ राहुल सिन्हा ने बताया कि 60 घंटे की कड़ी मस्कट के बाद हमें कामयाबी मिली है। गहरे खदान में पानी के नीचे का तापमान बहुत कम ठंड था, बावजूद एनडीआरएफ की टीम 20 से 25 मिनट से ज्यादा पानी के नीचे नहीं रह पा रहे थे और ठंड के चलते उनका हाथ-पैर सिकुड़ रहा था। बता दें कि यह खदान बहुत ही डेंजरस पॉइंट है। जिससे भविष्य में यहां कभी भी घटना घट सकती है। अंतिम दिन भी झगड़ और पानी का मंथन की वजह पानी के नीचे फंसा शव बाहर निकल कर ऊपर आ गया।

दो भाईयों में बड़ा था निरांशु

महादेव नगर निवासी निलेश कुमार का 15 वर्षीय पुत्र व मृतक नीरांशु कुमार दो भाइयों में बड़ा था। जानकारी के मुताबिक मृतक अपनी माँ मधुबाला कुमारी को सुबह 10:30 बजे यह बोलकर घर से निकला कि थोड़ी देर में आ रहे हैं। लेकिन जब दोपहर को खाना खाने नहीं लौटा तो उसकी खोजबिन शुरू हुई। दोस्तों से पूछने पर पता चला कि वह पथरैटा के समीप पहाड़ के खदान में नहाने गया था। वहां पहुंचने पर पानी के बाहर सिर्फ चप्पल और उसके कपड़े मिले। इसके बाद घटना की सूचना परिजनों सहित स्थानीय जिला प्रशासन को दी गई। वही साथ गए दोस्त ने भी बताया कि वे पांच दोस्त पानी में नहाने गए थे। इस दौरान निरांशु कुमार पानी में डूबने लगा तो हमने बढ़ाने की कोशिश की क्योंकि बचा नहीं पाए,फिर वह पानी में डूब गया। हम लोग डर गए थे इसलिए घटना की खबर किसी को नहीं दी।

गहरे पानी का तापमान माइनस से नीचे

रेसक्यू कार्य में लगे एसडीआरएफ टीम ने बताया कि 60 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हमें कामयाबी मिली। गहरे खदान में पानी के नीचे बहुत ठंड था, इसलिए डायवर्स 20 से 25 मिनट से ज्यादा पानी के नीचे नहीं रह पा रहे थे और ठंड के चलते उनका हाथ-पैर सिकुड़ जाने के कारण 20 से 25 मिनट में ही ऊपर आ रहे थे। यह खदान बहुत ही डेंजरस पॉइंट है। जिससे भविष्य में यहां कभी भी घटना घट सकती है। अंतिम दिन भी झगड़ और पानी का मंथन की वजह पानी के नीचे फंसा शव बाहर निकलकर ऊपर आ गया। देर होने के बावजूद भी हम लोग निराश नहीं हुए। आखिर में हमें सफलता मिली।

 

झूठी अफवाह से परिजनों को जिंदा रहने की जगी थी आस
बता दें कि जहां एक तरफ जिला प्रशासन एवं एनडीआरएफ की टीम शव खोजने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे थे। इसी बीच शनिवार की सुबह झूठी अफवाह फैली कि छात्र मध्य प्रदेश में है। झूठी अफवाह से परिजनों को उसके पुत्र की जिंदा रहने की आस जगी थी, लेकिन यह अफवाह कोरा साबित रहा। इस अफवाह से स्थानीय थाना के साथ-साथ एसडीओ भी परेशान रहे। बाद में अफवाह की सत्यता जांच की गई तो पता चला कि एक विभाग के द्वारा यह अफवाह फैलाई गई थी। पूछे जाने वह विभाग अपना ठीकरा कभी एसडीआरएफ टीम पर तो कभी स्थानीय पत्रकार पर फोड़ने में लगे रहे। इधर,लोजपा जिलाध्यक्ष इमाम ग़ज़ाली ने पहाड़ उत्खनन के दौरान बने गड्ढे को डेंजर जोन घोषित करते हुए बैरिकेटिंग लगाने की मांग किया है ताकि इस तरह की घटना का भविष्य में पूर्णवृति न हो।

1 thought on “SHEIKHPURA BREAKING: विधायक के तरकीब से चौथे दिन छात्र नीरांशु का शव तालाब से निकला बाहर, एनडीआरएफ की टीम ने की 60 घंटे तक कड़ी मशक्कत”

  1. According to press version ,it may be planned murder case ,it is a matter of crime and an investigation,? ? *. ,

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