शेखपुरा: महिलाओं हेतु कपड़ा पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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जिले के अरियरी प्रखंड के ससबहना गांव में नाबार्ड संपोषित 45 दिवसीय कपड़ा पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण में जीविका संचालित स्वयं सहायता समूहों की 90 महिलाओं को मच्छरदानी से सम्बंधित विषय पर नाबार्ड के माध्यम से कुल 45 दिन का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। समापन में सभी प्रशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया।नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अमृत बरनवाल ने बताया कि नाबार्ड द्वारा जिले में कई विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। कपड़ा पेंटिंग एक कुटीर उद्योग है और साथ ही इसकी ज़रूरत हर घर में है। नाबार्ड के एलईडीपी कार्यक्रम के तहत ससबहना और आस पास के गांव की 90 महिलाओं को 30-30 के समूह में बांटकर 15-15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान ही महिलाओं के बनाए उत्पाद जैसे तकिया कवर, टेबल मैट, चादर इत्यादि पटना में नाबार्ड हाट में बिक्री हेतु भेजा गया जहां सभी उत्पाद हाथों हाथ बिक गये। इससे हमें यह समझ आया कि इस तरह के उत्पाद की मार्केट में मांग बहुत है।

उत्पादों की बिक्री लोकल मार्केट में दिया जाएगा आपूर्ति 

अग्रणी जिला प्रबंधक शांति भूषण ने नाबार्ड के पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं का प्रयास अब रंग ला रहा और हमें इनके उत्पाद हेतु उचित मार्केट की व्यवस्था तलाशनी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से इनके उत्पादक समूह बनाने का प्रयास किया जायेगा और साथ ही उचित ऋण की व्यवस्था की जायेगी। प्रशिक्षण को नई प्रयास संस्था के माध्यम से कार्यान्वित किया गया है। संस्था की अध्यक्ष मीना देवी ने बताया कि महिलाओं को समूह से लोन लेकर कपड़ा और पेंट उपलब्ध कराया जायेगा और वो नियमित रूप से विभिन्न उत्पाद तैयारी करेंगी। इन उत्पादों की बिक्री लोकल मार्केट में की जाएगी और साथ ही बड़े कपड़ा दुकानों में दिया जाएगा। साथ ही मार्केट में समूह के माध्यम से एक दुकान भी चलाने का प्रयास किया जायेगा। दो-तीन महीने पश्चात सभी महिलाओं को 2 दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि जो महिलाएं कार्य कर रही है उन्हें इससे जुड़ी और बारीकियों पर बताया जा सके जिससे कि उत्पाद और बेहतर बनाया जा सके।

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